जादुई चिड़िया - Jadui Chidiya

जादुई चिड़िया - Jadui Chidiya 



यह कहानी जादुई चिड़िया और राजकुमारी गुलाबी की है। आइये देखते है कि जादुई चिड़िया कैसे राजकुमारी गुलाबी की मदद करती है। 

जादुई चिड़िया - Jadui Chidiya


एक समय की बात है। बहुत दूर एक राज्य में एक गुलाबी राजकुमारी रहती थी। उसकी सुंदरता अनोखी थी क्योंकि उसके लम्बे लाल बाल थे और उसे गुलाब बहुत पसंद थे। इतने ज़्यादा पसंद थे कि सब उन्हें राजकुमारी गुलाबी बुलाते थे। राज्य में हर कोई उससे प्रेम करता था। कुछ बच्चे उसके पास गुलाबो के गुच्छे ले कर आये। एक का गुच्छा लाल रंग का था, दूसरे का सफ़ीद रंग का और तीसरी का पीले रंग का था

बच्चे :- राजकुमारी,राजकुमारी, आपको किसके गुलाब सबसे ज़्यादा पसंद आये ?

राजकुमारी :- अहः मुझे दुनिया के हर तरह के गुलाबों से प्यार है मेरे दोस्तों।


और वो उन सब को गले लगाती है गुदगुदाते हुए। बच्चे हसने लगते है। हर शाम सूर्यास्त के बाद राजकुमारी गुलाबी बालकनी पर जाती और अपने हाथो से ताली बजाती।

राजकुमारी :- आओ मेरी प्यारी चिड़िया।


एक जादुई चिड़िया उड़ती हुई आती पता नहीं कहाँ से और राजकुमारी के कंधे पर बैठ जाती। तुरंत ही राजकुमारी के बाल चमकने लगते तेज़ लाल रौशनी से।

राजकुमारी :- ओ चिड़िया, तुम सच में बहुत शरारती हो। तुम मेरे बालो से खेलना चाहती हो ?


जल्द ही वो जादुई चिड़िया एक जादुई गीत गाने लगती और इस गाने में राजकुमारी भी शामिल हो जाती है और राज्य में हर कोई सो जाता है। फिर उन्हें सुन्दर सपने आते अगले सूर्योदय तक।

बच्चा :- कितनी प्यारी आवाज़ थी।

राजकुमारी :- शुभ रात्रि मेरे दोस्त। तुम्हे प्यारे-प्यारे सपने आये।


और इस तरह कई साल गुज़रते गए। हर शाम राजकुमारी गुलाबी उस छोटी जादुई चिड़िया के साथ एक बहुत ही प्यारी लोरी गाती ताकि सभी लोग चैन से सो जाये और उन्हें अच्छे-अच्छे सपने आये सूर्योदय तक।

पर एक दिन बहुत ही भयानक घटना घटी। एक दुष्ट चुड़ैल को राजकुमारी ग़ुलाबी के बारे में पता चल गया। जब राजकुमारी गाना गाती है तब चुड़ैल अपने कान बंद कर लेती है

राजकुमारी :- लललला लललला लललला

चुड़ैल :- हह! मुझे ये बिलकुल पसंद नहीं। कितना मधुर गा रही है। मुझसे ये सहन नहीं हो रहा।


दुष्ट चुड़ैल ने राजकुमारी को श्राप देने का फैसला किया।

चुड़ैल :- आबरा का डाबरा, सिम सोला बीम। गुलाबी रंग काला पड जाये।


और तुरंत ही राजकुमारी के बाल कोयले की तरह काले हो गए।


राजकुमारी :- ओह! ये मेरे बालो को क्या हो गया। पर मुझे अपने लोगो के लिए गाना ही होगा। उन्हें सुन्दर सपनो के साथ नींद में सुलाना ही होगा। उस शाम भी राजकुमारी अपनी बालकनी में गयी और अपने हाथो से ताली बजायी। फिर जब वो जादुई चिड़िया प्रकट हुई तो राजकुमारी के बाल काले हो कर चमकने लगे बजाए लाल होने के।

राजकुमारी :- ओह! अब क्या करे ?


चिड़िया अपना जादुई गीत गुनगुनाने लगी और राजकुमारी गुलाबी ने अपनी लोरी गायी। राज्य में हर कोई नींद में तो सो गया पर उस रात उन्हें बुरे और भयानक सपने आये।

एक बूढ़ा :- ओह! ये क्या ? ये तो बहुत ही भयानक सपना था।

एक औरत :- मेरे सपने में सिर्फ अँधेरा-ही-अँधेरा था।

एक आदमी :- मुझे सब जगह साप दिखे।

दूसरी औरत :- मुझे सपना आया कि मैं डूब रही थी।

द्वारपाल :- मुझे तो अब सोने से भी डर लग रहा है।


अगले दिन उदास राजकुमारी ने उस जादुई चिड़िया को फिर से बुलाया। उसे अपनी चिंता के बारे में बताया और उससे इसके हल के बारे में पूछा।

राजकुमारी :- मुझे बताओ जादुई चिड़िया कि मैं कैसे अपने लोगो के सपनो को सूर्य उगने तक सुन्दर बना सकती हुँ।

जादुई चिड़िया :- काले बाल गुलाब जल में।

राजकुमारी :- काले बाल गुलाब जल में ? तुम्हे लगता है कि इससे कोई फायदा होगा।


तभी चिड़िया उड़ गयी। राजकुमारी इस सलाह के बारे में  सोचने लगी और फिर उसने वैसा ही किया जैसा कि चिड़िया ने उसे कहा था। उसने एक टब पानी से भरा और उसकी सतह पर गुलाब की पंखुड़ियाँ बिखेर दी। जैसे ही उसने अपने बाल गुलाब जल में धोये, तुरंत ही वो लाल हो गए।

राजकुमारी :- अरे वाह! ये तो फिरसे लाल हो गए। तुम्हारा धन्यवाद जादुई चिड़िया

जादुई चिड़िया - Jadui Chidiya


उस शाम जब वो जादुई चिड़िया उसके कंधे पर बैठी। उसके बालो का जादुई लाल प्रकाश एक बार फिर रात में आकाश को जगमगाने लगा। राजकुमारी ने अपनी लोरी गाई और राज्य में हर कोई चैन से सो गया। उन्हें सुन्दर सपने सूर्योदय तक आये।

चुड़ैल :- क्या ? वो श्रापमुक्त हो गयी ?


अपने श्राप को टूटता देख वो दुष्ट चुड़ैल बहुत क्रोधित हो गयी। उसने राजकुमारी को दोबारा श्राप देने का फैसला किया।

चुड़ैल :- हः मैं इसे अपने शक्ति दिखाउंगी। आबरा का डाबरा, सिम सोला बीम। गुलाबी रंग काला पड जाये।


और राजकुमारी के बाल फिर से काले पड गए।

राजकुमारी :- ओह! नहीं। अब फिर से नहीं। मेरे साथ ये क्या हो रहा है ?


इस बार उस चुड़ैल ने पुरे राज्य के सारे खिले गुलाब तोड़ दिए। वो राजकुमारी को सिसकते हुए देखती है और बहुत खुश हो जाती है।

चुड़ैल :- चलो देखते है तुम मेरा श्राप कैसे तोडोगी।


एक बार फिर उदास राजकुमारी ने चिड़िया से पूछा :-

राजकुमारी :- मुझे बताओ जादुई चिड़िया। मैं कैसे अपने लोगो के सपने सूर्योदय तक सुन्दर बना सकती हुँ।

चिड़िया :- काले बाल, गुलाब जल में।

राजकुमारी :- लेकिन मैं क्या करु ? पुरे राज्य में एक भी गुलाब नहीं बचा है।

चिड़िया :- काले बाल, गुलाब जल में।


इतना बोल कर वो चिड़िया उड़ गयी।

राजकुमारी :- ओह! मुझे छोड़ कर मत जाओ। मेहरबानी करके मुझे कोई रास्ता दिखाओ।


राजकुमारी को पता नहीं चल रहा था कि वो क्या करे। उसका दुःख इतना बड़ा था कि उसकी आंखे आंसुओ से भर गयी। उनमे से एक आंसू ज़मीन पर गिरा और उसी वक़्त बहुत ही सुन्दर राजकुमार जो राजकुमारी की बालकनी से गुज़र रहा था। उसने एक छोटा-सा डब्बा निकाला और उसमे था ए लाल बाल। वो झुका और उसने वो बाल उस आँसू पर रख दिया। और फिर चम्तकार हुआ। अचानक वो लाल बाल लाल गुलाब में बदल गया।

राजकुमार :- आह! इससे काम बन जायेगा।


राजकुमार ने वो लाल गुलाब लिया और राजकुमारी के पास गया।

राजकुमार :- ये तुम्हारे लिए है खूबसूरत राजकुमारी।

राजकुमारी :- आह! ये गुलाब। तुम्हे ये कैसे मिला ?

राजकुमार :- मैंने इसे बनाया, तुम्हारी आँखों से गिरी आँसू की बून्द और लाल बाल से।


उत्साहित हो कर उसने वो लाल गुलाब लिया और अपने आँसू पोछ दिए। राजकुमारी ने गुलाब की पंखुडिया तोड़ कर टब के पानी में डाली। जैसे ही उसने उसमे अपने बाल धोये उसका श्राप टूट गया। सब कोई चकित हो कर उसकी ओर देखने लगे।

राजा :- हे नौजवान, तुम्हे ये लाल बाल कहाँ से मिला ?

राजकुमार :- हे प्रिये राजा, जब राजकुमारी और मैं दोनों ही बच्चे थे तब मैंने उसके सर से एक बाल तोडा था। अपनी वफादारी के चिन्ह के रूप में। और राजकुमारी ने भी मेरे साथ ऐसा ही किया था।  मेरे सर के एक बाल को तोड़ कर।

राजकुमारी :- ये सच है पिता जी।


राजकुमारी ने मुस्कुरा कर कहा और एक छोटा-सा डब्बा निकाला। उस डब्बे में उसने राजकुमार के सर का एक बाल रखा था और उसने ये सब को दिखाया। हर कोई इसे देख कर खुश हुआ। राजकुमार और राजकुमारी गुलाबी की शादी उसी दिन हो गयी।

ये जान कर कि फिर से उसका श्राप तोड़ दिया गया है वो दुष्ट चुड़ैल गुस्से से इतनी फुली कि उसके हज़ार छोटे-छोटे टुकड़े हो गए। अंत में राज्य के हर बाग़ में फिर से गुलाब खिल उठे। सब पहले जैसा हो गया। हर शाम राजकुमारी गुलाबी अपनी सुन्दर लोरी गाती ताकि हर कोई सो जाये और मीठे-मीठे सपने देखे सूर्योदय तक।




कहानी की सीख :- जीवन में मुसीबते आती रहती है लेकिन उन्ही मुसीबतो के साथ उनका कोई न कोई समाधान भी अवश्य आता है। ज़रूरत होती है तो बस उसका पता लगाने की।


हमें कमेंट करके बताये की आपको ये कहानी कैसी लगी। हिंदी कहानिया 4 किड्स आपके लिए ऐसी ही अच्छी अच्छी कहानियाँ लाता रहेगा। 

धन्यवाद। 

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