Hindi Story With Moral

Hindi Story With Moral



Hello Friends,
Today we are writing Hindi Story With Moral. These Hindi Story With Moral will help you in your life. These Hindi Story With Moral are for everyone. No matter you are a kid, or elder, or parent or teacher. If you are a teacher so you can teach your students the same morals.
Have Fun!


नमस्कार दोस्तों,
आज हम Hindi Story With Moral लिख रहे हैं। ये Hindi Story With Moral आपके जीवन में आपकी मदद करेंगे। सत्य की ये नैतिक कहानियाँ हिंदी में सभी के लिए हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप एक बच्चे, या बड़े, या माता-पिता या शिक्षक हैं। यदि आप एक शिक्षक हैं तो आप अपने छात्रों को समान नैतिकता सिखा सकते हैं।
मज़े करो!


We are writing the Hindi Story With Moral Here. ⬇️ 



Acha Bhoot - अच्छा भूत Hindi Story With Moral


Hindi Story With Moral


एक बार एक गांव में दो प्रेमी रामु और श्वेता रहते थे। वो एक लम्बे समय से एक-दूसरे से प्यार करते थे इसलिए शादी करना चाहते थे, लेकिन रामु की माँ (सरला) को यह बात पसंद नहीं आयी। सरला लालची थी और सोचती थी की अगर रामु किसी दूसरी लड़की से शादी कर ले तो उसे दहेज के रूप में भारी रकम मिलेगी। लेकिन जब रामु इस बात के लिए राज़ी नहीं हुआ तो माता-पिता को शादी को अंजाम देना ही पड़ा। 

रामु और श्वेता की शादी हो गयी और वो ख़ुशी से रहने लगे। जैसे ही रामु को नौकरी मिली तो दंपत्ति कसबे में चले गए। उन्हें कस्बे में बहुत कम किराये पर बड़ा मकान मिला। इसके साथ ही ये कपल ख़ुशी महसूस कर रहा था और शादी का लुत्फ़ उठाने लगा। श्वेता स्वादिष्ट व्यंजनों को पकाना जानती थी। उसने सोचा रामु उसके व्यंजनों को खा कर उसकी तारीफ़ करेगा। तो उसके आने से पहले ही एक स्वादिष्ट हलवा तैयार करे।

श्वेता:- सुनो, मैंने तुम्हारे लिए एक यम्मी हलवा तैयार किया है। जल्दी से आ जाना।

रामु:- ठीक है।


इसी बीच रामु घर आया और तैयार हलवे को लाने को कहा। श्वेता बड़ी ख़ुशी-ख़ुशी उस हलवे को लाने किचन में गयी, लेकिन उसे वहा हलवा मिला ही नहीं। वास्तव में हलवा ख़ुशी से उस घर में रहने वाले एक फूडी शैतान ने खा लिया था। इस बिच रामु ने कहा:-

रामु:- अरे भई, हलवे का क्या हुआ ? लाओ न जल्दी से।

श्वेता:- रामु मैंने तुम्हारे लिए जो हलवा तैयार किया था वो गायब हो गया है।

रामु:- क्या ? हलवा गायब हो गया ? वो सोना है या पैसा कि किसी ने चुरा लिया। लगता है कि इतना स्वादिष्ट था कि तुम ही उसे खा गयी। हैना ? और अब झूठ बोल रही हो कि गायब हो गया।

श्वेता:- बिलकुल नहीं। मैंने तुम्हारे लिए हलवा तैयार किया और किचन में रखा। मुझे नहीं पता वो कैसे गायब हो गया है। खैर तुम रुको मैं दस मिनट में लाती हुँ।

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रामु को श्वेता की बातो पर यकीन नहीं हुआ। फिर श्वेता ने एक बार फिर से हलवा तैयार किया। रामु ने ख़ुशी से उस हलवे को खाना शुरू किया। और कहा:-

रामु:- यार, बहुत अच्छा बना है। सॉरी की मैंने तुम्हे डाटा। माफ़ कर दो।

ऐसा कहते ही कुछ और निवाले खाना चाहता था लेकिन बाउल में हलवा ही खत्म हो गया।

रामु:- मेरी कटोरी से हलवा कहाँ गया ?



दरसअल से काम उस फूडी शैतान का था।

श्वेता हसी और बोली:- तुमने खुद खा लिया। हैना ? हलवा बहुत स्वादिष्ट हो तो ऐसा हो सकता है।


रामु को कुछ समझ नहीं आ रहा था। अगले दिन घर के अलग-अलग कमरों से खाने का सामान गायब होने लगा। श्वेता को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। रामु को बताने से वो डर रही थी। कुछ दिनों के बाद रामु ऑफिस से वापिस आते समय एक किलो सेब ले कर आया। उसने उन्हें श्वेता को दिया और नहाने के लिए चला गया। श्वेता ने उन सेबो को एक तरफ रखा और कुछ काम करने के लिए किचन में चली गयी। रामु ने बाहर आ कर सेब लाने के लिए बुलाया

रामु:- मैंने यहा सेब रखे थे। तुमने उठा के कहाँ रख दिए ?

श्वेता:- मैं नहीं जानती। मैंने नहीं देखे।

इस बात से रामु बेहद नाराज़ हो  गया।

रामु:- मैंने तुम्हे दिखा कर रखे थे। क्या मेरी अनुपस्तिथि में कोई घर पर आता है ?

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श्वेता को उसकी इस बात से बहुत दुःख हुआ। वो रोने लगी। ये देख कर शैतान भी उदास हो गयी और महसूस किया।

शैतान:- श्वेता को मेरी वजह से अनावश्यक रूप से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मुझे श्वेता के सामने पेश होना चाहिए और उसे सच बताना चाहिए।


श्वेता पुरे दिन यही सोचती रही कि हमेशा उसकी देख-भाल करने वाले रामु ने पहली बार उसे इस तरह डाटा था। अगले दिन जब रामु सुबह ऑफिस गया तो श्वेता ने सोचा:-

श्वेता:- मुझे समझ नहीं आता कि कैसे खाने-पीने की चीज़े गायब हो जाती है। वैसे भी मैं आज कोई खाना नहीं पकाऊंगी।


वो शाम तक बिना खाना पकाये और कुछ भी खाये घर में चुप-चाप बैठी रही। फूडी शैतान को बहुत भूख लगने लगी। क्योंकि कोई विकल्प नहीं था शैतान श्वेता के सामने दिखाई दी।

शैतान:- डरो मत श्वेता। मैं तुमको कोई नुकसान नहीं पहुँचाउंगी। मैं तुम्हे नहीं मारूंगी। मैं एक फूडी शैतान हुँ। तुम बहुत स्वादिष्ट खाना बनाती हो। अपने व्यंजनों से किसी को भी प्रभावित कर सकती हो। तुम स्वादिष्ट भोजन पकाती रहो।


श्वेता को उसकी तारीफ़े सुन कर बहुत ख़ुशी हुई। शैतान तारीफ करती जा रही थी और श्वेता खुश होती जा रही थी।

शैतान:- मैं जो कुछ भी हुआ उसके लिए माफ़ी मांगती हुँ।

श्वेता:- ठीक है। मैं तुम्हे माफ़ कर दूंगी, पर एक शर्त पर और तुम्हे वो शर्त निभानी होगी।

शैतान:- क्या है वो शर्त ?

श्वेता:- मैं तुम्हारे लिए हर दिन स्वादिष्ट खाना बनाउंगी लेकिन तुम्हे घर में कुछ और उठा कर नहीं खाना है। जैसे की तुम पुरे वक़्त खाती रहती हो। मैं अपने पति के लिए स्वादिष्ट खाना बचाने में असमर्थ हुँ और खाना बनाते समय तुम्हे मेरी मदद भी करनी होगी।

शैतान:- लेकिन तुम भी किसी को मत बताना कि तुमने मुझे देखा।


इस तरह उन दोनों ने एक-दूसरे से वादा किया। तब से उस शैतान ने घर पर खाना बनाने में श्वेता की मदद की। श्वेता ने अपने और अपने पति के साथ-साथ शैतान के लिए भी स्वादिष्ट खाना बनाना शुरू कर दिया।

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कुछ लोगो में अच्छाई इतनी प्रबल होती है कि मरने के बाद भी उनकी अच्छाई कम नहीं होती है। हमे भी अपने अंदर ऐसी ही अच्छाई रखनी चाहिए। और हां हमने इस कहानी से ये भी पता किया की कोई भी फूडी हो सकता है एक भूत भी। 

दोस्तों आपको हमारी हिंदी स्टोरी विथ मोरल कैसी लगी हमे कमेंट में ज़रूर बताइयेगा। इस कहानी को शेयर भी करना। 

धन्यवाद। 😊


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